क्या आप जीवन की सात अव्स्ताएँ से परिचित है ? मेरी गुस्ताकी माफ़
करना ये विषय माननीय विल्लिं शेक्स्पीअर सर का चर्चित करा हु है पर मैं इस बात पर सिर्फ आपने विचार रख रहा हु .........मुझे पता है की मैं उनके के सामने एक रेत के जर्रे समान हूँ .........उन्हों ने कितनी कविता लिखी और कितनी ही कहानियाँ लिखी .........भगवान उनकी आत्मा को शांति दे .....मैं तो उनको पूजता हूँ .........बस मैं कविता अपनी भाषा हिंदी में लिखता हूँ और वे अंग्रेजी में लिखते थे ................तो मैं अपने विचार रखता हु.... क्या लगता है जीवन की अव्स्ताएँ सात होती है ? मैं तो सोचता हूँ जीवन की कोई अवस्ता ही नहीं होती ................ये कथ्य मैं आज के युग को देख कर बोलरहा हूँ .......क्यूकि आज पहेले बच्चे का जन्म नहीं होता लेकिन उसकी रोजगारी की तयारी पहेले कर देते है.....// शेक्स्पीअर सर के हिसाब से जीवन की सात अव्स्ताएँ कुछ इस तरह है .........................
2. childhood
3. Lover
4. Solider
5. Justice
6. Old age
7. Dementia and death
लेकिन मैं सोचता हूँ की जीवन अब एक आने - जाने वाले उस यात्री की तरह हो गयी है जो एक एक जगह से दूसरी जगह जाता रहता है जिसे अपने लिए कुछ समय भी नहीं मिलता जिससे वो अपने जीवन को जी भरके जी सके .......उसकी कोई भी अवस्था हो वो सिर्फ काम में लगा रहता है ...और ये आज के युग के कारण है ...............सभी बूढ़े से लेकर जवान तक आज कमाई में लगे पड़े है ........कुछ आज इस मानव की स्थिति इस माया ने बिगड़ दी है जिस कारण वो न तो अपनी सेहत का ख्याल रख पते हैं और नहीं अपनों का प्यार ले पाते हैं .................

आपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा, कृपया यहाँ भी आयें और हिंदी ब्लॉग जगत को नया आयाम दे. उत्तर प्रदेश की आवाज़ को बुलंद करें. http://uttarpradeshbloggerassociation.blogspot.com
ReplyDeleteएक नज़र इधर भी. http://blostnews .blogspot .com
बहुत अच्छी प्रस्तुति| धन्यवाद|
ReplyDeleteइस सुंदर से चिट्ठे के साथ आप का हिंदी ब्लॉग जगत में स्वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!
ReplyDeleteआपके ब्लॉग पर आकर अच्छा लगा, कृपया india की आवाज़ को बुलंद rkhna!!!!!!!! or isi trh apna vah apne parents ka naam ucha krte rahna!!!!!!!!!
ReplyDeleteनियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !! or age bi likte rahna!
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